जम्भेश्वर के दर्शन करने

-स्वामी सदानन्द जोधपुर
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

जम्भेश्वर के दर्शन करने ,चलो सभी नरनार

चलो समराथल चाला

धोरे ऊपर लगा हुआ जहा,जम्भ गुरू का दरबार

चलो समराथल चाला

गुरू जी के चरणो मे,अपनी अरजी लगालो जी

क्यो बेठे हो घर पर,सोया भाग जगा लो जी

जम्भेश्वर की मेहर हुई तो,हो जावे बेङा पार

गुरू जम्भ देव जी का,दुनिया मे बङा नाम है

कटते है संकट सब के,समराथल पावन धाम है

जम्भेश्वर के दर्शन करने,आता है संसार

समराथल पर ,आती है भक्तो की टोलियां

गुरू जम्भेश्वर,भर देते सबकी खाली झोलियां

जिसने आके शीश झुकाया,उसका हुआ उद्धार

कहते सदानन्द,सब की सुणाई वहां पे होती है

बङे ही दयालु है वो,सब की भलाई होती है

जम्भेश्वर की दीन दया से,भर जाते भण्डार

रचनाकार:-स्वामी सदानन्द जोधपुर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।