सोने वाले जाग मुसाफिर

-स्वामी सदानन्द जोधपुर
विष्णु भगवान भजन विविध भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

सोने वाले जाग मुसाफिर समय ना कर बरबाद,

निद्रा से उठकर,प्रभुजी को करले तु याद,

गर्व वास मे तुमने प्रभु से कोल किया,

हरि ने तुमको मानव तन अनमोल दिया,

मानव तन अनमोल रतन को,मतकर तु बरबाद

बाल अवस्था खेल कूद मे बीत गई,

आई जवानी तिरिया के संग प्रीत भई,

बुढापे मे रोग सतावे,कोई ना सुने फरियाद

जग की झूठी माया ने,तुझको घेर लिया,

भजन किया नही हरि से मुखङा फेर लिया

झूठी दुनिया दारी से तु ,हो पंछी आजादस

यम का दूत पकङ कर के ले जाएगा,

सदानन्द कहे करणी का फल पायेगा,

अवसर खो दिया भजन करण का,तज्या ना वाद विवाद

रचनाकार:-स्वामी सदानन्द जोधपुर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।