जाणो- जाणो जम्भेश्वर रे धाम

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

जाणो-जाणो जम्भेश्वर रे धाम,मुक्ती रोअवसर आवियो ।

मिले ना ऐसो अवसर बारम्बार,दर्शन रो अवसर आवियो।।

गुरू जी किया-किया प्रहादा सु कोल,जीवा ने तारण आविया

गुरू जी लियो-लियो लोहट घर अवतार,सखिया ने मंगल गाविया

गुरू जी आये'आये समराथल धाम,बिश्नोई पंथ चलावियो

गुरू जी आए-आए रोटु नगर रे मांय,उमा ने भाॅत भरावियो

राव दूदो आयो गुरू जी रे पास,खांडे सु राज दिलावियो

सदानन्द कहे कर जोङ,भक्ता ने भव सू पार उतारियो।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।