आई आई दादी वालों की दिवाली

सौरभ मधुकर
विष्णु भगवान भजन रानी सती दादी भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

आई आई रे...आई आई रे...

आई आई दादी वालों की दिवाली,

चालो झुंझुनू बुलाये झुंझनवाली |

भादवे को मेलो यो तो बड़ो अलबेलो,

झुंझुनू से आयो म्हारी दादी जी को हेलो,

भादी-मावस की...भादी-मावस की...

भादी-मावस की महिमा निराली,

चालो झुंझुनू बुलाये झुंझनवाली |

धोरा री धरती में सज रयो दादी को दरबार,

" सौरभ मधुकर " दादी वाला हो जाओ तैयार,

नमो नारायणी...नमो नारायणी...

नमो नारायणी गाओ दे-दे ताली,

चालो झुंझुनू बुलाये झुंझनवाली |

आई आई रे...आई आई रे...

आई आई दादी वालों की दिवाली,

चालो झुंझुनू बुलाये झुंझनवाली |

भजन गायक - सौरभ मधुकर

भजन रचयिता - सौरभ मधुकर

संपर्क - 9831258090

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।