रे मन कृष्णा नाम कही लीजै

संत सूरदास
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रे मन कृष्णा नाम कही लीजे,

रे मन कृष्णा नाम कही लीजे |

गुरु के वचन अटल करि मानहि,

साधू समागम कीजे,

रे मन कृष्णा नाम कही लीजे |

पढ़िए गुनिये भगति भागवद,

और कहाँ कथि कीजे

कृष्ण नाम बिनु जनम बाद ही,

बिरथा काहे जीजे,

कृष्णा नाम रस भयो जात है,

त्रिषावन्त है पीजे,

सूरदास हरी शरण ताकिये,

जनम सफल करि लीजे,

रे मन कृष्णा नाम कही लीजे ।

रचयिता - सूरदास

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।