सतगुरु दा जन्मदिन आया

गुरु नानक देव जी
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

सतगुरु दा जन्मदिन आया वधाईयां संगता नु,

गुरुनानक आज प्रगटाया वधाईयां संगता नु,

पंज सो पजा साल गुरु नाल यह ,

गुरु संग रहना जी सदा सुखाले,

अरदास करा नित नीत,वधाईयां संगता नु,

गुरुनानक आज प्रगटाया वधाईयां संगता नु,

कतक दी पुनिया फिर आई,

लख खुशियां है नाल लै आई,

मिल गावो मंगल गीत,वधाईयां संगता नु,

गुरुनानक आज प्रगटाया वधाईयां संगता नु,

मात्र पिता दी अखियां दा तारा,

पिता मेहता कालू दा प्यारा,

सोना ननकी बहन दा वीर,वधाईयां संगता नु,

गुरुनानक आज प्रगटाया वधाईयां संगता नु,

बागा विच कलियाँ मुस्कावन,

गुर गुलशन विच महक लुटावन,

नाले गूंज रहा संगीत वधाईयां संगता नु,

गुरुनानक आज प्रगटाया वधाईयां संगता नु,

गुरु नानक कल तारण आया,

सतनाम दा मंत्र जपाया,

दे पग मिलियाँ मन मीतवधाईयां संगता नु,

गुरुनानक आज प्रगटाया वधाईयां संगता नु,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।