सतगुरु नानक दा प्रकाश पूरब है आया

गुरु नानक देव जी
माता दुर्गा भजन गुरुदेव भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

सतगुरु नानक दा प्रकाश पूरब है आया,

मिट गया अन्धकार ते सारे जग विच चानन छाया,

सतगुरु नानक दा प्रकाश पूरब है आया,

कलयुग दा उधार करन लई सतगुरु नानक आया,

पिता श्री मेहता कालू रब दा लख लख शुक्र मनाया ,

बेहन ननकी वारी जावे वीरा घर विच आया,

सतगुरु नानक दा प्रकाश पूरब है आया,

ननकाना साहिब विच लीता गुरु नानक अवतार,

माता तृप्त दी गोदी विच खेड़ रहा करतार,

देन वधाईयां संगता ाइयाँ घर घर आनद छाया,

सतगुरु नानक दा प्रकाश पूरब है आया,

निरंकार दी ज्योत इलाही नूर मारे चमकारे,

संत भगत जन ख़ुशी मनावा बार बार बलहारे,

धरती दा दुःख दूर करन लई तारण हारा आया ,

सतगुरु नानक दा प्रकाश पूरब है आया,

बाबे नानक नाल ही प्रगति सच्ची घूर की पानी,

गुरुबाणी सुन मिले शांति शक्ति मिले रूहानी,

दास मधुप कर दर्शन सतगुरु सफल बना लो काया,

सतगुरु नानक दा प्रकाश पूरब है आया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।