मेरा मन साई साई बोले

गुरु नानक देव जी
श्री कृष्ण भजन साईं भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरा मन साई साई बोले,

देख के मुखड़ा साई का सूंदर सब का मनवा ढोले,

मेरा मन साई साई बोले

राधा मीरा यही कहत है कहत है कृष्ण मुरारी,

सत्ये मार्ग पे चलना अगर है बाबा के संग हो ले,

मेरा मन साई साई बोले

राम श्याम की मूरत है ये दुर्गा चंडी काली है,

साई नाथ के चरण के जल से अपने पाप को धो ले,

मेरा मन साई साई बोले

राम रहीम सा गुरु नानक सब ने यही बताया है,

जिस ने खुद की खुदी मिटाई उसने रब को पाया है,

सब की मंजिल एक है बंदे,

राज सभी का खोले,

मेरा मन साई साई बोले

बाल न बांका होगा उसका जो भी सच में जीता है,

अबे जम जम गंगा जल को जो भी इंसान को पीता है ,

लहू दूध को गुरु नानक भी इक तकड़ी में तोले,

मेरा मन साई साई बोले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।