गणपति गोरी जी के नंदन

तारा अपरे वाला
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गणपति गोरी जी के नंदन गणेश जी,

मैं शरण तुम्हारी आया हूँ , मेरी रक्षा करो हमेश जी ।

सबसे पहले तुम्हे धयाऊँ , फिर देवों के दर्शन पाऊं ।

गज बदन मूसे की सवारी, गजब तुम्हारा भेस जी ॥

तुम हो रिद्धि-सिद्धि के दाता, तुम बिन ज्ञान कोई न पाता ।

हे गजानन विश्व विधाता, मन में करो प्रवेश जी ॥

"अपरे वाला" बड़ा अज्ञानी , कैसे गाये तेरी बानी ।

"राजू" पर भी किरपा करके, काटो सकल क्लेश जी ॥

गायक - राजू उत्तम

लेखक- तारा अपरे वाला

कैसट- मैया दा फ़क़ीर

लेबल- S M I

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+91 9872573004, 9779767505

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।