गांव में ये दादी रहती है

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन रानी सती दादी भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

बिरमित्रा पूरी है उत्क्ल का गांव गांव में ये दादी रहती है

अटल सिंगासन बैठी मियां शोभा न्यारी है,

चटक चुनरी लाल सुरंगी मेहँदी प्यारी है,

अपने आंचल से करती है सब भगतो पे छाव,

बिरमित्रा पूरी है उत्क्ल का गांव गांव में ये दादी रहती है

तिरसूल रूप में ढटके बैठी नारायणी है नाम,

सारे जग में गूंज रहा है साँचा तेरा दाम ,

उसको उतना देती दादी जिसके जितने भाव,

बिरमित्रा पूरी है उत्क्ल का गांव गांव में ये दादी रहती है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।