तेरी पनाह में हमे रखना सीखे हम नेक राह पर चलना

पारंपरिक
माँ गंगा भजन विविध भजन ganga
॥ पावन पाठ ॥

तेरी पनाह में हमे रखना, सीखे हम नेक राह पर चलना।

कपट कर्म चोरी बेईमानी, और हिंसा से हमको बचाना,

नाली का बन जाऊं ना पानी, निर्मल गंगा-जल ही बनाना ।

अपनी निगाह में हमे रखना, तेरी पनाह में हमे रखना ।

क्षमावान कोई तुझसा नही और मुझसा नही कोई अपराधी,

पूण्य की नगरी में भी मैंने पापों की गठरी ही बाँधी,

करुणा की छाँव में हमे रखना, तेरी पनाह में हमे रखना।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।