जय जय शनिदेव भगवान

पारंपरिक
शनि देव भजन शनि देव भजन shani
॥ पावन पाठ ॥

जय जय शनिदेव भगवान तुम्हारी महिमा आलीशान,

तूने राजा भिखारी बनाये तेरे कोटक समज न आये,

पल में तोड़े मान घुमान तुम्हारी महिमा आलीशान,

जय जय शनिदेव भगवान तुम्हारी महिमा आलीशान,

तुम तो देव मुनि जन ध्यावे तेरे चरणों में शीश झुकावे,

मांगे सुख संपत्ति वरदान तुम्हारी महिमा आलीशान,

जय जय शनिदेव भगवान तुम्हारी महिमा आलीशान,

तेरी शाम वर्ण है काय मस्तक तेरे मुकट सुहाया,

तेरी पूजा बड़ी महान,तुम्हारी महिमा आलीशान,

जय जय शनिदेव भगवान तुम्हारी महिमा आलीशान,

दीपक तेरी दया से जागे तुमसे अला बला सब भागे,

दुनिया करे तेरा गुण गान तुम्हारी महिमा आलीशान,

जय जय शनिदेव भगवान तुम्हारी महिमा आलीशान,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।