बाबा अमरनाथ बर्फानी योगिराज दया के दानी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बाबा अमरनाथ बर्फानी, योगिराज दया के दानी |

भूखे को है भोजन देते और प्यासे को पानी ||

बाबा अमरनाथ की जय, बोलो शिव शंकर की जय ||

भक्तो के मन बसने वाले ये तो सब के स्वामी है |

मन चाहा फल देने वाले शंभू अंतरयामी है |

महादेव के दर्शन कर के, संवर जाये जिंदगानी ||

दया धरम के है यह दाता सारा ही संसार कहे |

जिधर दया की दृष्टि उधर कमी न कोई रहे |

हाथ है इसके लाज हमारी, यश लाभ और हानि ||

प्रभु नाम के हीरे मोती हर पल सदा लुटाते हैं |

अपने संतो भक्तो के संकट यह आप मिटाते हैं |

भोले नाथ की शक्ति है जी, जाने दुनिया फानी ||

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।