एक राधा एक मीरा

मीरा बाई
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

एक राधा एक मीरा, दोनों ने श्याम को चाहा

अंतर क्या दोनों की चाह में बोलो

एक प्रेम दीवानी एक दरस दीवानी

राधा ने मधुबन में ढूँढा, मीरा ने मन में पाया

राधा जिसे खो बैठी वो गोविन्द मीरा हाथ बिक आया

एक मुरली एक पायल, एक पगली एक घायल

अंतर क्या दोनों की प्रीत में बोलो

एक सूरत लुभानी एक मूरत लुभानी

एक प्रेम दीवानी एक दरस दीवानी

मीरा के प्रभु गिरिधर नागर, राधा के मनमोहन

राधा नित श्रृंगार करे, और मीरा बन गयी जोगन

एक रानी एक दासी, दोनों हरी प्रेम की प्यासी

अंतर क्या दोनों की तृप्ति में बोलो

एक जीत न मानी एक हार ने मानी

एक प्रेम दीवानी एक दरस दीवानी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।