शिरडी वाले के दर जो बछर आ गया

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

शिरडी वाले दर जो बछर आ गया,

मांग न क्या है बिन मांगे वो पा गया,

शिरडी वाले दर जो बछर आ गया,

सबके दिल की जो बाते है वो जान ता,

अपने बंदो की भगतो को पहचान ता,

जो भी आते है श्रद्धा से साई के दर,

झोलिया भर्ती उनकी जो आता बछर,

सब का खुशियों से दामन याहा भर गया,

मांग न क्या है बिन मांगे वो पा गया,

शिरडी वाले दर जो बछर आ गया,

मेरा साई तो पीरो का पीर है,

राम अल्लाह जिस में तस्वीर है ,

बिगड़ा पल में नसीबा बनाते है वो,

पानी भर भर के दीपक जलाते है वो,

अपनी रेहमत दुआये लुटाता है वो ,

रोता आया है हस्ता यहाँ से गया,

मांग न क्या है बिन मांगे वो पा गया,

शिरडी वाले दर जो बछर आ गया,

दर मंदो की उमीदे जगहि है यहाँ,

जान मुर्दो में फिर से पड़ी है यहाँ,

घर ज़मीन धन और दौलत यहाँ से मिले,

जो थे उजड़े चमन वो है फिर से खिले,

साई बाबा का आला वो दरबार है,

साई दर से मायूस कोई न गया,

मांग न क्या है बिन मांगे वो पा गया,

शिरडी वाले दर जो बछर आ गया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।