तर जायेगे तर जायगे

पारंपरिक
शनि देव भजन शनि देव भजन shani
॥ पावन पाठ ॥

तर जायेगे तर जायगे जेहड़े नाम जपन गये तर जायेगे,

तर जायेगे तर जायगे शनि नाम जपन गये तर जायेगे,

दूर करता दूर करता तेरा नाम शनि जी दुःख दूर करता,

कमली अदा कमली अदा रंग काला शनि जी तेरी कमली अदा,

लोहे दा लोहे दा ढंड हथा च शनि जी तेरे लोहे दा,

पा जायेगे पा जायेगे भागा वाले तेरा दर्शन पा जायेगे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।