मन धीर धरो घबराओ नहीं

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

मन धीर धरो, घबराओ नहीं,

भगवान मिलेंगे, कभी न कभी ll

भगवान मिलेंगे, कभी न कभी,

भगवान मिलेंगे, कभी न कभी l

मन धीर धरो,,,,,,,,,,,,,

फूलों में नहीं, कलियों में नहीं,

काँटों में मिलेंगे, कभी न कभीं ll

मन धीर धरो,,,,,,,,,,,,,

सूरज में नहीं, चंदा में नहीं,

तारों में मिलेंगे, कभी न कभी ll

मन धीर धरो,,,,,,,,,,,,,,

गंगा में नहीं, यमुना में नहीं,

सरयू में मिलेंगे, कभी न कभी ll

मन धीर धरो,,,,,,,,,,,,,,

बागों में नहीं, खलियानो में नहीं,

जंगल में मिलेंगे, कभी न कभी ll

मन धीर धरो,,,,,,,,,,,,,

मंदिर में नहीं, मस्जिद में नहीं,

गुरद्वारे में मिलेंगे, कभी न कभी ll

मन धीर धरो,,,,,,,,,,,,,,

मथुरा में नहीं, गोकुल में नहीं,

मेरे मन में मिलेंगे, कभी न कभी ll

मन धीर धरो,,,,,,,,,,,,,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।