आये है हम साईं बाबा तेरे दरबार मे

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॥ पावन पाठ ॥

हे साईं नाथ तेरे मन्दिर में आये है हम फ़रिआदी |

दर्शन दे अपने भक्तो को, साईं तोड़ दे आज समाधी साईं ||

दिल नहीं लगता कहीं हमारा अब तो इस संसार मे |

आये है हम साईं बाबा तेरे ही दरबार मे ||

जब से तेरा रहम हुआ है, सवर गया है जीवन |

जी करता है करदे अर्पण, तुझ को अपना तन मन |

करें बस तेरी भक्ति, लगा के पूरी शक्ति ||

डूबा रहे मन हर पल हर दिन अब तेरे ही प्यार मे |

आये है हम साईं बाबा तेरे ही दरबार मे ||

हम को अपनी नज़रों से तू कभी ना गिरने देना |

हम पर हैं जो नज़रे तेरी उन्हें ना फिरने देना |

रहें हम तेरी नजर मे हमेशा तेरी नज़र मे ||

जीवन का हर लम्हा गुजरे बस तेरे ही द्वार मे |

आये है हम साईं बाबा तेरे ही दरबार मे ||

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।