साई दियां पड़ चिठियाँ

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

सोहना ते सुनखा बड़ा रूप साई दा,

भोला भाला सूंदर सवरूप साई दा,

साई दियां पड़ चिठियाँ आज भगता ने खीचियाँ त्यारियां,

साई जी दे चरना च मथा टेक के जग दियां ज्योता वाला नूर देख के,

तर जान गियां संगता सारियां,

साई दियां पड़ चिठियाँ आज भगता ने खीचियाँ त्यारियां,

बचे भावे भुड़े दर सारे आऊं गे,

जय साई राम दे जय कारे लाऊँ गे,

घर खुशियां च मार दे ने ताड़ियाँ,

साई दियां पड़ चिठियाँ आज भगता ने खीचियाँ त्यारियां,

साई दी जिन्दरी किनारे ला देयो मणि दियां मेहनत दा मूल पा देयो,

तूद्दे चरना च अरजा गुजारियाँ,

साई दियां पड़ चिठियाँ आज भगता ने खीचियाँ त्यारियां,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।