कहना वे असां तेरा जन्मदिन मनावणा

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

रीझा भरी घडी यह आई, घर घर होई रोशनाई

मात यशोदा लल्ला जाया, सुनंदा ने थाल वजायी

कहना वे असां तेरा जन्मदिन मनावणा

असां नाचना ते तैनू नचावना

मोहना वे असां तेरा जन्मदिन मानवना

वांग भोले दे अलख जगाई ए

मात यशोदा तो बक्शीश पायी ए

नाले तेरा है दर्शन पावना

मोहना वे असां तेरा जन्मदिन मानवना

विच ख़ुशी दे होए मस्ताने

प्रेम तेरे दे बने परवाने

साडा प्यार कदे ना भुलावना

मोहना वे असां तेरा जन्मदिन मानवना

वजदे ढोल ते वज्जे शहनाई

कमल कपिल पूरी आये दोनों भाई

एहना तेरा ही नाम जपावना

मोहना वे असां तेरा जन्मदिन मानवना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।