तुम्ही मेरे माता पिता भोले नाथ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तुम्ही मेरे माता पिता भोले नाथ,

सदा मेरे सिर पे रहे तेरा हाथ,

तुम्ही मेरे वंदु सखा वैद्य नाथ,

सदा मेरे सिर पे रहे तेरा हाथ,

है जीवन की नैया तेरे ही सहारे,

तेरे हाथ पतवार तुम ही उभारे,

दुभाना हो मेरा किनारे लगाओ,

जे जीवन है मझधार तुम ही बचाओ,

तुम ही हो ख्वाइयाँ मेरे वैद्य नाथ,

सदा मेरे सिर पे रहे तेरा हाथ,

हमे अपना सेवक हे शम्भू बना लो,

खुले भगये मेरा चरण से लगा लो,

तेरे पाँव की धूल मस्तक लगाउ,

मुकदर में अपनी बाबा जगाऊ,

दया दृस्टि देदो तुम्ही मेरे नाथ,

सदा मेरे सिर पे रहे तेरा हाथ,

भला जिस में हॉवे वो राह दिखाना,

नहीं तेर ना ही तू मन में जगाना,

क्या अच्छा बुरा है तुम्ही को पता है,

तेरे पद में मस्तक हमने रखा है,

है जब तक ये जीवन रहे तेरा साथ,

सदा मेरे सिर पे रहे तेरा हाथ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।