क्या बात महादेव तेरियां क्या बाता

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तन ते भस्म रमा ली अपने भगता न सोग्ता तेरियां,

क्या बात महादेव तेरियां क्या बाता,

सूखा दे गफे जद घले भगता दी होइ बल्ले बल्ले,

कख नहीं राख्या आपने पल्ले बांदियां सारियां दाता ,

क्या बात महादेव तेरियां क्या बाता,

राम शाम लंका पति रावण बह्रमा विष्णु सदा ध्यावं,

तीनो लोक तेरे चरनी आवन मंगन ले खेराता,

क्या बात महादेव तेरियां क्या बाता,

विष पीती अमृत वरसाया कदे कैलाश ते डेरा लाया,

जिहने जो मंगाया सो पाया सुरख़ होइयाँ परभाता,

क्या बात महादेव तेरियां क्या बाता,

असुर देवते भगत प्यारे खोले तू सब ले भंडारे,

सर जीवन होये वारे न्यारे मेहर दिन वरसाता,

क्या बात महादेव तेरियां क्या बाता,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।