जय हो जय हो बजरंग बाला

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

कलयुग के इक देवता जिनका नाम निराला,

जो भी पूजे इनको खोले बंध किस्मत का ताला

जय हो जय हो बजरंग बाला जय हो अंजनी के लाला,

दुष्ट दलन करते है पल में,

हरते है दुःख है भगतो का,

जो भी कलयुग में सुमिरन,

करे निवारण कष्टों का,

चरण शरण में आये को बनते उसका रखवाला,

जय हो जय हो बजरंग बाला जय हो अंजनी के लाला,

मंगल जन ने मंगल करते कलयुग में दुःख यही है हरते,

करता गणेश है इनकी सेवा,

भूत पिछात इन्ही से डरते,

धोर अंधेरो में बश्मी पर करते यही उजाला,

जय हो जय हो बजरंग बाला जय हो अंजनी के लाला,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।