मनुख जन्म नहियो मिलना दोबरा

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मनुख जन्म नहियो मिलना दोबरा,

राम दा नाम तू जपले,

राम दा नाम तू मनुहा,

जिह्ना ताहि तू मंदे कम करदा जी ओहना तेरा साथ नहीं देना,

ओहना तेरा साथ नहीं देना नि मानुहा,

मनुख जन्म नहियो मिलना दोबरा,

जिह्ना ताहि माया जोड़ी जोड़ी रखदा जी ओहना तेरा साथ नहीं देना

ओहना तेरा साथ नहीं देना नि मानुहा,

मनुख जन्म नहियो मिलना दोबरा,

जगह जमीना दिया संग नहियो जानिया आ जी,

नहीं जाने महल चौबारे मानुहा,

मनुख जन्म नहियो मिलना दोबरा,

खाली हाथ आया तू खाली हाथ जाना जी,

की की तू पाप कमाउँदा मानुहा,

मनुख जन्म नहियो मिलना दोबरा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।