जहाँ पाँच देव बसते हैं

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जहाँ पाँच देव बसते हैं,उस धाम के लिये,

श्रद्धा से शीश झुका लो गंगा राम के लिये,

जन जन के दुःख हरने को ये धरती पर है आया,

सच और धर्म का इस ने कलयुग में दीप जलाया,

इस कलि मल हारी दानी दया वान के लिये,

श्रद्धा से शीश झुका लो गंगा राम के लिये,

दुनिया को हुआ अचम्बा कैसी लीला दिखलाई,

जब चिता से हाथ उठा कर सेवक की लाज बचाई,

अपने इस लीला धारी भगवान् के लिये,

श्रद्धा से शीश झुका लो गंगा राम के लिये,

हर पल इनके चरणों की सेवा में बैठे रहते,

है नामदेव की नंदन हम भक्त सिरोमनि कहती,

सोनू कहे कलयुग के इस हनुमान के लिये,

श्रद्धा से शीश झुका लो गंगा राम के लिये,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।