लहर लहर लहराए रे झंडा बजरंग बली का

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

लहर-लहर लहराए रे झंडा बज,रंग बली का,

बजरंग बली का मेरे बजरंग बली का,

लहर-लहर लहराए रे झंडा बजरंग बली का,

इस झंडे में बोलो क्या गुण है,

बोलो क्या गन है कहो क्या गुण है,

ये तो असुरो को मार गिराए रे ,

झंडा बजरंग बली का,

लहर-लहर लहराए रे झंडा बजरंग बली का

इस झंडे में बोलो क्या गुण है,

बोलो क्या गन है कहो क्या गुण है,

ये तो लक्ष्मण के प्राण बचाये रे ,

झंडा बजरंग बली का,

लहर-लहर लहराए रे झंडा बजरंग बली का,

इस झंडे में बोलो क्या गुण है,

बोलो क्या गन है कहो क्या गुण है,

ये तो सोने की लंका जलाये रे ,

झंडा बजरंग बली का,

लहर-लहर लहराए रे झंडा बजरंग बली का,

इस झंडे में बोलो क्या गुण है,

बोलो क्या गन है कहो क्या गुण है,

ये तो सीता से राम मिलाये रे,

झंडा बजरंग बली का,

लहर-लहर लहराए रे झंडा बजरंग बली का,

इस झंडे में बोलो क्या गुण है,

बोलो क्या गन है कहो क्या गुण है,

ये तो भक्तो को पार लगाए रे,

झंडा बजरंग बली का

लहर-लहर लहराए रे झंडा बजरंग बली का,

लहर-लहर लहराए रे झंडा बजरंग बली का,

बजरंग बली का मेरे बजरंग बली का,

लहर-लहर लहराए रे झंडा बजरंग बली का,

तेज प्रकाश सोनी (श्री राम वैदेही भकत सेवा मंडल)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।