चमक उठे गी किस्मत

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

चमक उठे गी किस्मत भगता मेरे इस घर आंगन,

साई पधारेगे तो कुटियाँ महल बने गी निर्धन की,

चमक उठे गी किस्मत भगता मेरे इस घर आंगन,

पलकों से इसको छू लूंगा श्रद्धा से माथे पे मलूगा,

मिल जायेगी धूल मुझे जब भगतो साई चरनन की,

चमक उठे गी किस्मत भगता मेरे इस घर आंगन,

सबसे ईशा है वो आये आके मुझको दर्श दिखाये,

राम ही जाने कब किरपा हो मुझपे साई राजन की,

चमक उठे गी किस्मत भगता मेरे इस घर आंगन,

देख के साई जी का मुखड़ा पूरी होगी मन की आशा,

प्यास भुझेगी तब ही भगतो मेरे प्यासे नैनं की,

चमक उठे गी किस्मत भगता मेरे इस घर आंगन,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।