तेरे दर पे आया जोगी तेरे दर पे आया जोगी

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

हाथ फैलाये मांग रहा है तेरे दर पे जोगी,

तेरे दर पे आया जोगी तेरे दर पे आया जोगी

ना मैं मांगू सोना चांदी ना हीरे मोती,

तेरे दर पे आया जोगी तेरे दर पे आया जोगी

देखा है इस दर पे मैंने जो भी सिर को झुकाते है,

साई के दरबार में अपनी किस्मत को चमकाते है,

आता है हर हाल में रोगी जाते है बेरोगी,

तेरे दर पे आया जोगी तेरे दर पे आया जोगी

मेरा साई राम यह को बस ये शिक्षा देता है,

मात पिता की सेवा करलो हर मजहब ये कहता है,

जो न करता सेवा इनकी बुकते है वो जो भी,

तेरे दर पे आया जोगी तेरे दर पे आया जोगी

साई के दीवाने है हम साई के कहलाये गे,

साई की हम माला जपे गे साई के गुण गायेगे,

साई मेरा दीं धर्म है साई के हम योगी,

तेरे दर पे आया जोगी तेरे दर पे आया जोगी

मेरी अखियां में साई है मन मंदिर में साई है,

सारी दुनिया कहती हुई साई के दर पे आई है,

साई के दीवानो पर तो साई की किरपा होगी,

तेरे दर पे आया जोगी तेरे दर पे आया जोगी

साई के हम भक्त है लोगो उनकी शरण में रहते है,

साई की चाहत में हम तो दीपक बन कर चलते है,

साई की किरपा है हम पर आंधी क्या कर लोगी,

तेरे दर पे आया जोगी तेरे दर पे आया जोगी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।