तुमने आँगन नहीं बुहारा

संत सूरदास
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

तुमने आँगन नहीं बुहारा, कैसे आयेंगे भगवान्,

मन का मैल नहीं धोया तो, कैसे आयेंगे भगवान्,

चार और कल्मष कषाय की, लगी हुई है ढेरी,

नहीं ज्ञान की किरण कहीं है, हर कोठरी अँधेरी,

आँगन चौबारा अँधियारा, कैसे आयेंगे भगवान्,

हृदय तुम्हारा पिघल न पाया, जब देखा दुखियारा,

किसी पन्थ भूले ने हमसे, पाया नहीं सहारा,

सूखी है करुणा की धारा, कैसे आयेंगे भगवान्,

अन्तर के पट खोल देख ले ,ईश्वर पास मिलेगा,

हर प्राणी में ही ईश्वर, का आभास मिलेगा,

सच्चे मन से नहीं पुकारा, कैसे आयेंगे भगवान्,

निर्मल मन हो तो रघुनायक, शबरी के घर जाते,

सूर श्याम की बाँह पकड़ते, शाक विदुर घर खाते

इस पर तुम्नने नहीं विचारा, कैसे आयेंगे भगवान्,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।