हो जा मना मेरेया तू मस्त मलंग वे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हो जा मना मेरेया तू मस्त मलंग वे

मस्त मलंग वे मस्त मलंग वे

चढ़ गया तैनु शिव शम्भु जी दा रंग वे

नशे दिया बोलता तू रोज रोज पिन्दा वे

कदे वी ना पीती भोले नाथ वाली भांग वे

हो जा......

दुनिया दे धंदेया च फस्या तू रहन्दा है

हरि ओम बोल मुखो क्यु नहियो कहन्दा है

हो जा.......

दर दर जानदी लोड कोई ना

महादेव जैसा दुजा होर कोई ना

हो जा........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।