नाम जपले प्रभू दा प्यारे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

नाम जपले प्रभू दा प्यारे जग मेला चार दीना दा

खडा सिर उत्ते काल पुकारे जग मेला चार दीना दा

बचपन गया ते जवानी फिर आई है

लंग गयी जवानी ते बुढ़ापे फेरी पाई है

फेरा पाया ना प्रभू दे दवारे जग मेला चार दीना दा

नाम जपले.........

नाम वाली माला नु तू कदे वी ना फेरिया

मोह ममता दे बन्दया ने तैनु केरिया

बेडी लगनी नी पार किनारे जग मेला चार दीना दा

राम जपले........

सारी जिंदगानी तू ता दौलत कमाई

अनंत वेले प्यारे काम नही आई

खाली हाथ आया खाली ही जाना जग मेला चार दीना दा

राम जपले.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।