मेरी मुश्किला दा भोले नाथ हल करदे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरी मुश्किला दा भोले नाथ हल करदे,

भावे आज करदे भावे कल करदे,

तनु रोज रोज कहना नहियो चंगा लगदा,

झोली अड़ के भी बहना नहियो चंगा लगदा,

मेरे जीवन च खुशियां दे पल भरदे,

भावे आज करदे भावे कल करदे,

गल मन ले कैलाश उते रेहन वालेया,

झोली भर दे तू बम बम रेहन वालेया,

मेरे कर्मा दे भोले सिद्ध हल करदे,

भावे आज करदे भावे कल करदे,

रखी कमल सितारे ते निगाह मेहर दी,

ऐसी आस लगाई भोले बड़े देर दी,

साडा भोले नाथ जन्म सफल करदे,

भावे आज करदे भावे कल करदे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।