आजा पौनहारियाँ तू आजा दुधाधारियां

पारंपरिक
महादेव भजन बाबा बालक नाथ भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

लगदा न दिल माता रत्नो लोहारी दा,

दस रखना ख्याल किसे बूढी बिसारी दा ,

सकी न पहचान रूप शिव अवतारी दा,

आजा पौनहारियाँ तू आजा दुधाधारियां,

दोवे हथ जोड़ तेथो भुला बक्षाणिया,

तेरी शक्ति तो जोगी मैं ता अनजानी आ,

वास्ता है तनु जोगी ममता प्यारी दा,

आजा पौनहारियाँ तू आजा दूध धारियां,

गोआ तनु देख दिन मूड के तू आजा हूँ,

रूस के गया तू किथे मुखड़ा दिखा जा हूँ,

तेरे तो वगैर बाबा जग भी लखारियाँ,

आजा पौनहारियाँ तू आजा दूध धारियां,

बोहड़ा थाले खड़ तनु आवजा तनु मार दी,

तेरी याद पल पल दिल नु है साड दी,

रख ले मान तू सनी जाहि पुजारी दा,

आजा पौनहारियाँ तू आजा दूध धारियां,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।