मेरा हरी है साई

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मेरा हरी है साई मेरा राम है साई,

सो दुखो की इक दवा ये पवन नाम है साई,

मेरा हरी है साई मेरा राम है साई,

शिरडी से दिखे काबा मंदिर में बैठा बाबा,

चारो दिशा में जलता ज्योति का नूर बाबा,

अलहाह नानक राम है प्यारा मोह न तपे है साई,

मेरा हरी है साई मेरा राम है साई,

दीन दुखी का रखवाला साई है भोला भाला,

भटके को राह दिखाये और सत की ज्योत जगाये,

दर दर क्यों तू भटक रहा शिरडी में सारी खुदाई,

मेरा हरी है साई मेरा राम है साई,

इक नूर इक फरिश्ता शिरडी से जिसका रिश्ता,

मंद मंद मुस्काये और चमत्कार दिखलाये,

मन का मनका फेर ले बंदे मिल जायेगे साई,

मेरा हरी है साई मेरा राम है साई,

जो भी इस के दर आता खाली न ये लौटाता,

अपनी रेहमत की किरपा से ये उसके भाग जगाता,

सज्जन रिया कहे हर पल भज ले साई नाम सुख दे,

मेरा हरी है साई मेरा राम है साई,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।