श्री राम जानकी बैठे हैं

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

श्री राम चंद्र जी महाराज के भरे दरबार में,

विभीषण ने ताहना मारा,

ऐ बजरंगी, क्या तेरे मन में भी राम है ?

हनुमान जी ने श्री राम का नाम लिया,

और सीना फाड़ा, बोले ले देख, जय श्री राम,,,,,,,,,,,

( ना चलाओ बाण, व्यंग के ऐ विभीषण,

ताहना ना सह पाऊँ l

क्यों तोड़ी है ये माला, तुझे ऐ लंकापति बतलाऊँ l

मुझ मे भी है, तुझ में भी है, सब में है समझाऊँ,

ऐ लंकापति विभीषण ले देख,

मैं तुझ को आज दिखाऊँ l)

श्री राम, जानकी, बैठे हैं, मेरे सीने में ll

देख लो मेरे, दिल के, नगीने में xll

श्री राम, जानकी, बैठे हैं, मेरे सीने में,,,,,,,,,

मुझ को कीर्ति न वैभव, न यश चाहिए,

राम के नाम का, मुझ को रस चाहिए ll

सुख मिले ll ऐसे, अमृत को पीने में xll

श्री राम, जानकी, बैठे हैं मेरे सीने में,,,,,,,,,

राम रसिया हूँ मैं, राम सुमरिन करूँ,

सिया राम का, सदा ही मैं, चिंतन करूँ ll

( अनमोल कोई भी चीज़,

मेरे काम की नहीं,

ऐ विभीषण,,,दिखती अगर उसमे छवि,

सिया राम की नहीं )

राम रसिया हूँ मैं, राम सुमरिन करूँ,

सिया राम का, सदा ही मैं, चिंतन करूँ ll

*सच्चा आनंद है ll, ऐसे जीने में xll

श्री राम, जानकी, बैठे हैं मेरे सीने में,,,,,,,,,

फाड़ सीना है, सब को ये, दिखला दिया,

भक्ति में मस्ती है, बे-धड़क, दिखला दिया ll

कोई मस्ती ना ll सागर, मीने में xll

श्री राम, जानकी, बैठे हैं मेरे सीने में,,,,,,,,,

धुन- अल्लाह ये अदा कैसी है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।