हम भी तुम्हरे ही है जैसे हनुमान जी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन राम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

हम भी तुम्हरे ही है जैसे हनुमान जी,

किरपा करो न थोड़ी मेरे श्री राम जी

धन दोलत सुख दियां भरपूर है,

फिर भी दोनों में कुछ फांसला जरूर है,

क्या है मज़बूरी कहो कहा पर है ध्यान जी,

किरपा करो न थोड़ी मेरे श्री राम जी

आज मैं तुम को अपनी घर लेके जाउगा,

मंदिर सजाया तेरा तुम्हे दिखाऊगा,

देख के हो न जाना जयदा हैरान जी ,

किरपा करो न थोड़ी मेरे श्री राम जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।