मोर्वी नंदन

पारंपरिक
हनुमान जी भजन खाटू श्याम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज:-हे दुःख भंजन मारुति नंदन

मोरवीनंदन,करूँ तेरा वंदन,दे सेवा तेरे द्वार

ये विनती तुमसे बारम्बार

याचक बनके द्वार खड़े हैं

हम तो नाथ तेरी शरण पड़े है

करुणानिधि हो,तुम भयहारी,देना प्यार दुलार

ये विनती तुमसे बारम्बार

आशा मन विश्वास है तुम पर

श्याम दया अब करना हम पर

छुटे ना ये,द्वार तुम्हारा,करना ये उपकार

ये विनती तुमसे बारम्बार

हम बालक,अन्जान तुम्हारे

पूजा अर्चन,कुछ नही जानें

देना चाकरी,तेरी सेवा की,नौकर रखना द्वार

ये विनती तुमसे बारम्बार

पल पल सिमरन,होए निरन्तर

श्याम नाम का तारक मन्तर

तम अज्ञान,को दूर हटाये,रोशन हो संसार

ये विनती तुमसे बारम्बार

Lyrics- Roshan Swami "Tulsi"

9610473172-9887339360

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।