साई बाबा दर्शन दो

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

वो भी नहीं और हर जा हो,

साई बाबा दर्शन दो,

आप छुपते नहीं और सामने आते भी नहीं,

कितनो को तुमने नवाजा ये बताते भी नहीं,

तेरी रेहमत का तलब दार हु मैं,

तुहानी और गुनहगार हु मैं,

मुझको भी शिरडी दिखला दो,

साई बाबा दर्शन दो.........

कभी रेहमान कभी राम नजर आते हो,

कही ईसा कही नानक तुम ही कहलाते हो,

आ रही है तेरी खुस्भू भी इन हवाओ में,

गूंजते है तेरे जयकारे हर दिशाओ में,

साबित करदो तुम ही हो,

साई बाबा दर्शन दो...........

तुम को इतना करीब पाता हु,

जितना पाता हु डूभ जाता हु,

आप ही आप अश्क बहते है,

आप ही आप मुस्कुराता हु,

मुझपे भी रेहमत बरसादो,

साई बाबा दर्शन दो,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।