प्रभु अवतारी है

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

प्रभु अवतारी है,ओ लीला न्यारी है,ओ परचो भारी है,

रामसापीर रामसापीर........

के या जो दुनिया है, वन है काटा रो, तू फुलवारी है,

रामसापीर रामसापीर......

नाम जपे म्हारा, मनडा री माळा,

अरे हेलो म्हारो सांभळ लीजो पचरंग पेचा वाला,

ओ थाने ध्यावा हा, आस लगावा हा,

ओ अरजी म्हारी है....

रामसापीर रामसापीर, प्रभु अवतारी है....

भगता ने बाबा थारो सहारो,

लागे म्हाने प्यारो प्यारो बाबा थारो द्वारो,

ओ म्हाका नैना में,ओ दिल का गेहना में,

मूरत थारी है......

रामसापीर रामसापीर प्रभु अवतारी है....

जग मग जग मग ज्योत जगाओ,

रुण झुण रुण झुण घोडलिया पर बाबा बेगा आवो,

कहे गोपालो ,म्हाने संभालो,

शरणे थारी है.....

रामसापीर रामसापीर, प्रभु अवतारी है....

प्रभु अवतारी है,ओ लीला न्यारी है,ओ परचो भारी है,,,

रामसापीर रामसापीर........

के या जो दुनिया है, वन है काटा रो, तू फुलवारी है..

रामसापीर रामसापीर........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।