सच्चे दिलो जय बाबे दी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जय बाबे दी जय बाबे दी,

सच्चे दिलो जय बाबे दी,

सच्चे दिलो जय बाबे दी बोल भगता,

बाबा वंड दा खजाने अनमोल भगता,

सच्चे दिलो जय बाबे दी बोल भगता

बाबा वंड दा.....

वड़ेया नु तार दा छोटेया नु तार दा,

खरेया नु तार ऐ है खोटेया नु तार दा,

दुःख सारे बाबे नु तू खोल भगता,

सच्चे दिलो जय बाबे दी बोल भगता

बाबा वंड दा.....

मेहरा वाली तकड़ी च सब नु तोल्दा,

हर गल बाबा मेरी सच्ची सच्ची बोल्दा,

किते होये गुनाहा नु तू टोल भगता,

सच्चे दिलो जय बाबे दी बोल भगता

बाबा वंड दा.....

सारी जिन्दगी तू संगम एमे ही गवाई है,

करदा है लक्की बाबा नाम दी कमाई है,

नशे छड जिंदगी न रोल भगता,

सच्चे दिलो जय बाबे दी बोल भगता

बाबा वंड दा.....

गायक लक्की शेखावत 9463501003

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।