रंग लौना तेनु बाबा भगता ने रज के

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भजदे ने ढोल आया होली दा त्यौहार जी,

नच्दे भगत सारे बनके कतार जी,

सब आये ने भगत रंग लेके आज दे,

रंग लौना तेनु बाबा भगता ने रज के,

अज खेड्नी है होली असी ग़ज वज के,

लौना तेनु बाबा भगता ने रज के,

हरी पीली लाल नीली उड़ दी गुलाल है,

रंग लोन आइयाँ मावा बक्शे तू लाल ने,

नाले लौंदे ने जय कारे इक दूजे वजके,

रंग लौना तेनु बाबा भगता ने रज के,

अज खेड्नी है होली असी ग़ज वज के,

लौना तेनु बाबा भगता ने रज के,

खीच के तू धगा आज ला दे ढोलीया,

भगता ने बावे नाल खेलनिया होलियाँ,

लाके तेरे ना दा रंग पये किना फब दे,

रंग लौना तेनु बाबा भगता ने रज के,

अज खेड्नी है होली असी ग़ज वज के,

लौना तेनु बाबा भगता ने रज के,

खुशियाँ दा रंग सब उते बरसाई तू,

हो जिए सफल दाता एसा रंग लाई तू,

बाबा रुसी न तू रुसी जान लोकी जग दे,

रंग लौना तेनु बाबा भगता ने रज के,

अज खेड्नी है होली असी ग़ज वज के,

लौना तेनु बाबा भगता ने रज के,

तेरी मस्ती दा ऐसा चड़ेया रंग जी,

नचे कामा दूर लगे पीती जीवे भंग जी,

आज करना दीदार तेरा घज भज के,

रंग लौना तेनु बाबा भगता ने रज के,

अज खेड्नी है होली असी ग़ज वज के,

लौना तेनु बाबा भगता ने रज के,

गायक लक्की शेखावत 9463501003

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।