जो भी आता शरण में स्वीकार करते है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जो भी आता शरण में स्वीकार करते है

सब की अर्जी पे भोला विचार करते है,

शिव से ही रखना आस शिव पे करले विश्वाश,

बस शिव शिव भज जब तक है तन में आस,

जो भी करता भरोसा उसको पार करते है,

सब की अर्जी पे भोला विचार करते है,

देते है दुखो से प्राण मिले शांति निर्वाण,

मन की आँखों से देखा और शिव को पहचान,

सच्चे मन से को शिव की पुकार करते है,

उन की अर्जी पे भोला विचार करते है,

खाली झोली लेके आ और भर के घर जा,

जितना सोचा नहीं है उस से भी जयदा पा,

अन्न धन का भोले भंडार भरते है,

सब की अर्जी पे भोला विचार करते है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।