जय हो बजरंग बली भक्तों को तार दो

पारंपरिक
हनुमान जी भजन कृष्ण भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

दुखों को दूर करो खुशियां न्योच्छार दो

जय हो बजरंगबली भक्तों को तार दो ल

मां अंजनी के लाल पवनसुत चाल पवन की आ जाओ

आन पड़ा हूं दर पे तुम्हारे बिगड़ी मेरी बना जाओ।

हमने सुना है तुमने दुखियों को तारा

मुझको भी दे जाओ सहारा

मेरे जीवन की बगिया तेरी भक्ति से गुलज़ार हो। जय हो.

राम नाम के रसिया हो तुम राम की सेवा करते हो

राम नाम का ध्यान धरे जो उसकी झोली भरते हो

आन पड़ा हूं दर पे तुम्हारे

छूट गए मेरे सारे सहारे

गाता रहूं महिमा में तेरी बस इतना सरकार दो। जय हो..

Bhajan by Roopsingh रैकवार

Navjyoti Musical Group Vidisha ंप

M N 8964983602

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।