दर ते नच्दे भगत प्यारे मौजा लाइया भोले ने

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सब भगता दिया रीजा पुगाइयाँ भोले ने,

दर ते नच्दे भगत प्यारे मौजा लाइया भोले ने,

सब नु वंड दा नाम खजाने लीला बड़ी न्यारी,

शंकर मेरा दीं दयाला जग दा पालनहारी,

लेहरा बेहरा सब भगता नु लाइयाँ भोले ने,

दर ते नच्दे भगत प्यारे मौजा लाइया भोले ने,

सब नु चढ़ गी नाम खुमारी बम भोले बम गाउँदे ने,

शिव दे नाम विच खोये फिरदे नाम जैकारे लाउंदे ने,

चारे पास रोनका देखो लाइया भोले ने,

दर ते नच्दे भगत प्यारे मौजा लाइया भोले ने,

सलमान भी नाम दीवाना होया नाम दी फेरे माला,

भोले नाथ ने कर्म कमा के खोलिया भग दा ताला,

रघु दी झोली खैरा खूब पाइयाँ भोले ने,

दर ते नच्दे भगत प्यारे मौजा लाइया भोले ने,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।