तेरी जय शिव शंकर भोले नाथ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तेरी जय शिव शंकर भोले नाथ,

हे गंगाधर महाकालेश्वर तेरी पूजा करे सब दिन और रात,

तेरी जय शिव शंकर भोले नाथ

तन श्मशान की भसम रमा के,

नीलकंठ महादेव कहा के भांग दतुर्रे की मस्ती में,

खोटे रख कर संख वजाते ,

मैं आदीन शरण में आया रख तू दया का सिर पे हाथ,

जय शिव शंकर भोले नाथ तेरी जय शिव शंकर भोले नाथ

बम लेहरी है औघरदानी भूखे को अन प्यासे को पानी,

जटा जुट में गंग विराजे आधा चंदा मस्तक साजे,

हीरे मोती कुछ नहीं मांगू न मांगू कोई सौगाते,

जय शिव शंकर भोले नाथ तेरी जय शिव शंकर भोले नाथ

नंदीघन के करके सवारी जय शिव शंकर त्रिपुरधारी,

डम डम डामरु बाजे शेष नाग गले माला साजे,

जगा के दीपक केशव तेरा नाम जपे तेरा दिन और रात,

जय शिव शंकर भोले नाथ तेरी जय शिव शंकर भोले नाथ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।