बाला का दरबार है

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

पूनम की यह रात है, डरने की क्या बात है,

जो चाहे वो मांगले, बाला का दरबार है

आजा आज आरे-आरे आरे आ….

बालाजी के द्वारे आके, दर्शन करोगे,

जो भी मन चाहा फल पाके रहोगे,

निर्धन हो या धनवाना, सुनते हैं सबकी बाला,

तू किस्मत को अपनी जगा, क्यों जीवन से होता खफा,

आजा….

अरे ज्योति अखण्ड यहां जलती रे जलती, जै बाला की

सारे बोला जै बाला की बालाजी के,

विराजे यहां कोतवाल, श्री प्रेतराज सरकार,

दुष्टों के पड़ती है मार, भक्तों को मिलता है प्यार,

आजा….

पंडित देव शर्मा

श्री दुर्गा संकीर्तन मंडल

रानिया सिरसा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।