बड़ी दूर से आये है भागवत अमृत लाये

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बड़ी दूर से आये है भागवत अमृत लाये है ।

अपना लो या ठुकरा दो श्रद्धा के फूल लाये है ॥

तेरे दर पर जो आता है बिन मांगे पाता है

माँ बेटे का ...........ये कैसा नाता है

हम भटकते हम फिरते

हम भटकते बच्चे तेरे है भागवत अमृत लाये है ॥

मेरा दर्द तू सुन ले श्याम है अपना न पराया

तेरे शिवा ............ कोण है मेरा प्यारा

हम बिलखते हम रोते

हम बिलखते बच्चे तेरे है भागवत अमृत लाये है ॥

न स्वर है न सरगम है न लय न कोई तराना

जो चाहे ........... में श्याम का दीवाना

मोहित मन की , मोहित मन की

मोहित मन की मुरदे पाते है

भागवत अमृत लाये है ।

अपना लो या ठुकरा दो श्रद्धा का फूल लाये है ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।