मेरी राधा है रस की खान

संत सूरदास
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी राधा है रस की खान रसियां श्याम पिया ,

संग पिया के गेहवल गइयाँ दोनों बैठे कदम की छइयां,

है जोड़ी अज़ब बनी है श्याम रसियां श्याम पिया,

मेरी राधा है रस की खान रसियां श्याम पिया

श्री हरिदास के प्रानन प्यारे सूरदास के नैनं काले,

तेरी बलिहारी जाऊ मैं श्याम रसियां श्याम पिया,

मेरी राधा है रस की खान रसियां श्याम पिया

बांकी अदा की बात निराली दोनों की छवि लागे प्यारे,

भव से अधम धरी है श्याम रसियां श्याम पिया,

मेरी राधा है रस की खान रसियां श्याम पिया

भारती तुम पे बल बल जावे,

तेरी मस्ती में खो जावे,

तेरे चरनन की मैं बलिहार ओ रसियां श्याम पिया,

मेरी राधा है रस की खान रसियां श्याम पिया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।