जोगी जी तेरी जय हॉवे

पारंपरिक
माता लक्ष्मी भजन बाबा बालक नाथ भजन lakshmi
॥ पावन पाठ ॥

सारे भगतो का करते उधार जोगी जी तेरी जय हॉवे,

तेरी लीला है अप्रम पार जोगी जी तेरी जय हॉवे,

बाबा मेरे पौणाहारी माने तुझको दुनिया सारी,

सब की बिगड़ी बात बनाते मेरे प्यारे दूध धारी,

तू सब के भरे भंडार जोगी जी तेरी जय हॉवे,

बाबा जी तेरी जय हॉवे .......

तुम हो शंकर जी के प्यारे पार्वती जाये बलिहारी,

रत्नो का तू लाल कहाये गुण वरदाता तर्ह तुम्हरे,

माँ लक्ष्मी के राज कुमार जोगी जी तेरी जय हॉवे,

बाबा जी तेरी जय हॉवे .......

ऊचे पर्वत गुफा सुहानी जगदी तेरी ज्योत नूरानी,

खाली न कोई जाता दर से तुझसे बढ़ कर ना कोई दानी,

तेरा भक्तो पे है उपकार,जोगी जी तेरी जय हॉवे,

बाबा जी तेरी जय हॉवे .......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।