ओ सालासर वाले मैं तेरा होगया

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

जब से देखा तुम्हे जाने क्या होगया,

ओ सालासर वाले मैं तेरा होगया,

ओ मेहंदीपुर वाले मैं तेरा हो गया,

तू दाता है तेरा पुजारी हु मैं,

तेरे दर का बाबा भिखारी हु मैं

जो न सोचा कभी हां वही हो गया,

ओ सालासर वाले मैं तेरा हो गया

तेरे दर की ओ बाबा अज़ब शान है,

जो भी देखे जाये तेरे कुर्बान है,

तेरी चौकठ पे दिल मेरा खो गया,

ओ सालासर वाले मैं तेरा हो गया

हमने जब तेरे दर आके दर्शन किया,

तेरे चरणों में ये तन मन अर्पण किया,

तेरी भगति पे दिल का नशा हो गया,

ओ सालासर वाले मैं तेरा हो गया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।